The Raj

Crown rule in India, known as the Raj (literally ‘rule’), operated as a two-tier system. The British had direct control over three-fifths of the subcontinent, known as ‘British India’, and indirect control over the remaining territory. Although Indian rulers were guaranteed their borders and rights, the British continued to interfere in the day-to-day running of their states and to limit royal authority – most dramatically in deposing rulers they viewed as unsuitable.

The number of Indian princes – as rulers were now termed - grew enormously as the British bestowed titles on landowners and chieftains. A system of imperial orders was introduced to integrate Indian rulers into a western-style feudal hierarchy. The most important states were ranked within a system of gun salutes; Queen Victoria was entitled to 101 guns, the viceroy and members of the royal family to 31, while the princes had between 21 and 9 depending on their status.

राज

राज (यथाशब्द ‘राज करना’) नामक भारत में क्राउन के राजत्व ने एक दो-श्रेणी वाली पद्धति को संचालित किया| उपमहाद्वीप के पाँच अंशों में से तीन अंशों पर अंग्रेजों का प्रत्यक्ष नियंत्रण था| इस क्षेत्र को ‘ब्रिटिश इंडिया’ कहते थे| बाकी के बचे हुए क्षेत्र पर उनका अप्रत्यक्ष नियंत्रण था| यद्यपि भारतीय शासकों को उनकी सीमाओं एवं अधिकारों की गारंटी दी गयी थी, फिर भी, उनके राष्ट्र के दैनंदिन संचालन के विषय में अंग्रेज हस्तक्षेप करते रहते थे| भारतीय शासकों के राजकीय अधिकारों को भी अंग्रेजों के द्वारा सीमित किया जाता था – सबसे प्रभावशाली रूप से जब वे उन शासकों को राजसिंहासन से हटा देते थे जो उनके अनुसार अयोग्य थे|

भारतीय रजवाड़ों की संख्या- जैसा कि शासकों को अब संबोधित किया जाता था – प्रचंड रूप से बढ़ गई क्योंकि अंग्रेज, जमीनदारों एवं मुखियाओं को पदवी प्रदान करते थे| शाही आदेशों की एक पद्धति आरंभ की गयी जिससे कि भारतीय शासकों को एक पश्चिमी-स्टाइल के सामंती वर्गीकरण में समाहित किया जा सके| सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रों को बन्दूक की सलामी के सिस्टम के अंतरगत पदस्थ किया जाता था – महारानी विक्टोरिया 101 बन्दूको की हकदार थीं, वाइसराय एवं शाही परिवार के सदस्यों को 31 बन्दूकों की सलामी मिलती थी| ओहदे के अनुसार राजकुमार 21 एवं 9 के बीच बन्दूकों की सलामी के हकदार थे|